शनिवार, १७ जानेवारी, २०२६

डॉ. मंजु गुप्त श्रीमती सुमनलता सिंघल स्मृति सम्मान - 2025 तथा बाल साहित्य विभूषण से सम्मानित

 


शब्दशिल्प/ नवी मुंबई_नवी मुंबई की वरिष्ठ साहित्यकार , शिक्षिका, कवयित्री, योगप्रशिक्षिका डॉ. मंजु गुप्त  को  श्रीनाथद्वारा में उनकी 16  कृतियों  हेतु   श्रीमती सुमनलता सिंघल   स्मृति सम्मान - 2025 तथा बाल साहित्य विभूषण से पुरस्कृत।

हिंदी सेवी साहित्यिक संस्था साहित्य मंडल, नाथद्वारा, राजस्थान द्वारा डॉ.मंजु गुप्त को श्रीमती सुमनलता सिंघल  स्मृति सम्मान 2025 तथा 2100 रूपये की राशि प्रदान करके राष्ट्रीय बाल साहित्य विभूषण सम्मान  , कंठाहार , शॉल , श्रीफल , मेवाड़ी पगड़ी , उत्तरी श्री ,नगद राशि और  प्रभु श्रीनाथद्वारा जी की छवि से विभूषित किया गया। इससे पूर्व भी विविध साहित्यिक , सामाजिक  और सरकारी संस्थानों द्वारा पुरस्कार , सम्मान मिले। 

श्री अंजीव रावत अंजुम ने संचालन करके डॉ मंजु गुप्त का गौरवशाली परिचय पढा। 

आ. श्री श्याम प्रकाश देवपुरा जी ने डॉ मंजु गुप्ता के गुप्ता का शुद्ध हिंदी गुप्त बताया । तभी उन्होंने उनके कथन  गुप्त को स्वीकार किया। अंग्रेजी भाषा के कारण गुप्ता बन गया । वह शुद्ध हिंदी भाषा को लिखने - पढ़ने के पक्षधर है।

आ. डॉ मंजु गुप्त ने साहित्यमण्डल के  आयोजक आ. श्यामपुरा जी के संग में उन की   टीम की  गतिशीलता , कर्मठता को नमन करके अभिनन्दन किया।

श्री भगवती प्रसाद जी देवपुरा स्मृति एवं राष्ट्रीय बाल साहित्य समारोह 5,6,7 जनवरी 2026 साहित्य मंडल श्रीनाथ द्वारा हिंदी भाषा के पुरोधा श्री भगवती प्रसाद जी देवपुरा जिन्होंने मातृभाषा हिंदी को राष्ट्रभाषा का सम्मान दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन माँ भारती के सेवा में समर्पित कर दिया, जिन्होंने साहित्य कला और संस्कृतिकी त्रिवेणी  को पुनः जीवित  करने तन -मन  -धन से साहित्यिक संस्था  साहित्य मंडल , श्रीनाथद्वारा राजस्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया ।ऐसे हिंदी पुरोधा कि  द्वादश  पुण्य तिथि  पर तीन दिवसीय साहित्य एवं सांस्कृतिक समारोह आयोजित  किया गया । जिसमें पूरे भारतवर्ष से 11 राज्य  के 125 साहित्यकारों ने सहभागिता की।

डॉ मंजु गुप्त ने  साहित्य मंडल और शुभचिंतको  का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि  हर सम्मान मानव की ऊर्जा को बढ़ाता है और भव्य पुरस्कार मिलने से समाज के प्रति और जिम्मेदारी बढ़ गई है। समाज और नई पीढ़ी के मूल्य हित  में बेहतर से बेहतर कृतियाँ गुनेगी।  डॉ मंजु गुप्त को सम्मानित किये जाने पर स्थानीय साहित्यकारों  , मित्रों , रिश्तेदारों और उनके गुरुओं और सोशल मीडिया के मंचों ने अपार हर्ष जताके बधाई दी।

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