शुक्रवार, १९ सप्टेंबर, २०२५

दिल के पीसी से मेरे प्यार का--कलाम अहमद खान




 दिल के पीसी से मेरे प्यार का 

पेन ड्राइव अटैच किया होता

बिना एरर के प्यार मिलता 

अगर प्यार से मैच किया होता


तेरे जिंदगी के मोबाइल में 

प्यार ही प्यार बेलेंस होता

अगर मेरे प्यार का वाउचर 

तूने स्क्रैच किया होता


मैसेज का चलन बढ़ा तो 

प्यार के खत लिखना ही भूल गए

तूने भी दिल का हाल लिखकर

हमें डिस्पैच किया होता


वैसे तो हम पीते नहीं हैं 

मगर जरासा चख लेते

मेरे नाम इन रसीले होठों का 

अगर स्क्वॉच किया होता


हमारे चेहरे से तो हर दम 

प्यार ही प्यार झलकता है

फेस टू फेस कभी गौर से 

अगर तुमने वॉच किया होता




-कलाम अहमद खान

भिवापुर, जि. नागपुर


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